नरेंद्र मोदी बनाम कांग्रेस

“किस्मत जब पलटती है तो सब कुछ पलट कर रख देती है, इसलिए अच्छे समय में अहंकार न करें और बुरे समय में धैर्य रखें” कहीं पढ़ा था… पढ़ना जारी रखे नरेंद्र मोदी बनाम कांग्रेस

दिल्ली वासियों के नाम पत्र

प्रिय दिल्ली वासियों,

आजतक आपकी सब तरफ आलोचना ही होती रही है फिर भले ही आपने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी को वोट दिया हो या न दिया हो। अन्ना आंदोलन से एक नायक के तौर पर उभरे केजरीवाल ने भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई, स्वराज, व्यवस्था परिवर्तन जैसे कई दावे किए। फिर कुछ असंभव वादों 500 स्कूल, 20 कॉलेज, पूरी दिल्ली में 10 लाख सीसीटीवी, मुफ्त वाई फाई, मुफ्त पानी, मुफ्त बिजली जैसे अनेक वादे, सपनों का जाल बिछाकर एक बार नहीं बल्कि दो दो बार दिल्ली की सत्ता हथिया ली।

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नरेन्द्र मोदी का समर्थन

मैं मोदी जी के किसी भी कदम की आलोचना नहीं करता हूँ, भले ही वो फौरी तौर पर गलत ही क्यों न हों? जेएनयू मामले पर भक्त ही टाँग खींच रहे थे मगर मोदी किन परिस्थितियों से लड़ रहे हैं इसका किसी को भी अंदाज़ा ही नहीं है। वो आदमी ये सब किसके लिए कर रहा है, कौन है आगे पीछे? मोदी से अगर किसी को कुछ फायदा है तो वो सिर्फ हमें हैं, हमारे बड़े होते बच्चों को है और आने वाली पीढ़ी को है। इसलिये हर परिस्थिति में मोदी का साथ देना है। अभी वक़्त अंपायर बनने का नहीं कट्टर समर्थक बने रहने का है। पढ़ना जारी रखे नरेन्द्र मोदी का समर्थन

फिल्म नटवरलाल से सीख

80 के दशक में अमिताभ बच्चन अभिनीत एक फ़िल्म जिसमें खलनायक का नाम था “विक्रम”…

विक्रम का इलाक़े में आतंक था, काम के लिए विक्रम को लोगों की ज़रूरत पड़ती, जिसके लिए वो पहले अपने पालतू शेर को बस्ती में छोड़ देता, पढ़ना जारी रखे फिल्म नटवरलाल से सीख

फिल्म घातक और श्रीनगर घटना

फ़िल्म-घातक

कात्या और उसके भाईयों का इलाक़े में ज़बरदस्त आतंक है, हर कोई डरा सहमा सा कात्या और उसके भाईयों के जुल्मों को सहन कर रहा है। तभी काशी का इलाके में आना होता है और पहली बार आतंक मचा रहे गुंडों की पिटाई हो जाती है। दबे कुचले लोगों को काशी में अपना रक्षक दिखाई देता है और इलाके में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ती है। लोगों में उत्साह है और सब लोग एकमत से कात्या के ख़िलाफ़ खड़े हो जाते है। पढ़ना जारी रखे फिल्म घातक और श्रीनगर घटना