अब और निर्भया बनेंगी?

अगर कल ये मोहम्मद अफरोज, जिसे नाबालिग कर सजा से बचा लिया गया था, आज़ाद हो गया तो दिल्ली की सभी लडकियाँ और महिलाएँ खौफ में जियेंगी| पढ़ना जारी रखे अब और निर्भया बनेंगी?

निर्भया की मृत्यु व्यर्थ

अगर आपका बलात्कार होता है तो या तो बलात्कारी को मार दो या उसकी हत्या करवा दो क्योंकि कानून तो आपकी मदद करने वाला है नहीं। भारतीय कानून ना सिर्फ अँधा है बल्कि गूँगा और बहरा भी है।जब ये ‪#‎निर्भया के बलात्कारियों को मौत की सजा नहीं दे पाए तो आपकी क्या मदद करेंगे? इन्होंने खुद इस केस को “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” करार दिया था, अब क्या हुआ फिर? पढ़ना जारी रखे निर्भया की मृत्यु व्यर्थ

राष्ट्र गाँधी को सुन समझ न सका

“सुनना तो दूर मुझे तो कोई समझ भी ना सका” – मोहनदास गाँधी

प्यारेलाल लिखते हैं कि अंतिम दिनों में गाँधी कहा करते थे कि मेरी सुनता कौन है? यदि गाँधी जी अपनी इच्छा के अनुसार 125 वर्ष तक जीवित रहते तो अपनी उम्र के 124वें वर्ष में कहते कि सुनना तो दूर कोई समझ भी नहीं सका। पढ़ना जारी रखे राष्ट्र गाँधी को सुन समझ न सका

नाद के गुंजन का महत्व

द्वापर युग में विदुर ने धृतराष्ट्र को कहा था कि किसी के भी घर नास्तिक, नीच या दुष्ट संतान को जन्म नहीं लेना चाहिए। सज्जन पुरुष को भी ऐसे लोगों से दूर बहन चाहिए। मगर ठीक इसके उलट आज कलियुग के मात्र 3200 साल बीतने पर इस भारत भू पर नास्तिक बनने की एक नई संस्कृति चल पड़ी है। आज 0के बुद्धिजीवी मानव इस बात पर प्रतिस्पर्धा नहीं करते कि किसमें कितना श्रद्धा भाव है अपितु इस बात की होड़ करते हैं कि वो कितने बड़े नास्तिक हैं। पढ़ना जारी रखे नाद के गुंजन का महत्व

आरएसएस बनाम कांग्रेस

आरएसएस बनाम कांग्रेस का जब मूल्यांकन करते हैं तो पाते हैं कि जहां कांग्रेस की स्थापना अंग्रेजों में एक सेवानिर्वित ए0 ओ0 ह्युम ने जनता में ब्रिटिश सरकार के प्रति सहानुभूति जगाने के लिए करी थी वहीँ आरएसएस की स्थापना डॉक्टर केशव राव बलिराम हेडगेवार ने पूर्णतया राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की विचारधारा को बल देने के लिए करी थी| जहां आरएसएस के लिए वीर विनायक दामोदर सावरकर शीर्ष नेता थे वहीँ कांग्रेस अपनी सारी नाकामियाँ मोहनदस करमचंद गाँधी के पीछे छुपाया करती थी|

जानना चाहते हैं ना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का तो सुनो – पढ़ना जारी रखे आरएसएस बनाम कांग्रेस

भारतीय स्वतंत्रता के ज्वलंत तथ्य

  1. आज का तीन आयताकार पट्टियों वाले झंडे की रुपरेखा असल में वीर विनायक दामोदर सावरकर और श्यामजी कृष्णा वर्मा ने बनाई थी|
  2. इस झंडे को मैडम भिकाजी कामा, लौह स्त्री, ने स्टुट्गार्ट, जर्मनी में तीसरे अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस सोशलिस्ट कांफ्रेंस में फहराया था|

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आदिल शहरियार और नेताजी के रहस्य का सम्पर्क

आदिल शहरियार के पिता मोहम्मद युनुस खान नेहरु परिवार के करीबी थे और इंदिरा गांधी के निजी  सचिव  थे| संजय गाँधी के शादी के फेरे मोहम्मद युनुस खान के घर हुए थे, इन मोहम्मद युनुस ने एक पुस्तक भी लिखी थी जो भारत में बैन है तथा विदेशों में भी मुश्किल से ही मिलती है, इस पुस्तक में खान ने एक चाबी का जिक्र भी किया था जिसे ढूंढने के लिए इंदिरा गाँधी ने संजय गांधी की लाश छान मारी थी| पढ़ना जारी रखे आदिल शहरियार और नेताजी के रहस्य का सम्पर्क

शिवलिंग पर जल, बिल्व पत्र और आक क्यूं चढ़ाते हैं?

कांवड़ क्यों  लाते हैं यह तो शायद सबको ही पता हो अगर नहीं मालूम तो कृपया नीचे दिए हुए चित्र में कथा पढ़ लें। परंतु क्या आपको किसी ने यह नहीं बातया की सिर्फ शिवलिंग पर ही जल क्यूं चढ़ते हैं और शिव मूर्ति पर क्यूं नहीं? पढ़ना जारी रखे शिवलिंग पर जल, बिल्व पत्र और आक क्यूं चढ़ाते हैं?

जवाहर लाल नेहरु का बलिदान – योगदान

आइये जानते हैं, जवाहर लाल नेहरु का बलिदान एवं उनके योगदान के बारे में जो इतिहास में तो नगण्य रहे हैं, यहाँ भी|

  1. देश के हर क्रन्तिकारी के मुकाबले सबसे कम जेल में रहना
  2. देश की राजनीति में पीछे के दरवाजे से आते ही सबका मालिक बनना

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सीमावर्ती जमीन का मामला

मोहल्ले का नामी गुंडा शर्मा जी का पड़ोसी है और काफी धनवान भी है। दुर्भाग्य से उसने शर्मा जी के मकान का कुछ हिस्सा आज से 10 साल पहले अपने मकान में मिला लिया। उस हुयी तोड़फोड़ में सारी दीवार टूट गयी। पढ़ना जारी रखे सीमावर्ती जमीन का मामला