भारतीय स्वतंत्रता के ज्वलंत तथ्य

  1. आज का तीन आयताकार पट्टियों वाले झंडे की रुपरेखा असल में वीर विनायक दामोदर सावरकर और श्यामजी कृष्णा वर्मा ने बनाई थी|
  2. इस झंडे को मैडम भिकाजी कामा, लौह स्त्री, ने स्टुट्गार्ट, जर्मनी में तीसरे अंतर्राष्ट्रीय कांग्रेस सोशलिस्ट कांफ्रेंस में फहराया था|

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1907 में भारतीय राष्ट्रीय ध्वज

  1. इस झंडे को भारत इन्दुलाल याग्निक के द्वारा लाया गया था, जो गुजरात की सोशलिस्ट नेता थी| आज इस झंडे को मराठा तथा केसरी पुस्तकालय, पुणे में लगाया हुआ है|
  2. मोहनदास गाँधी की सलाह पर 1923 में पिंगली वेंकाया के द्वारा अभिकल्पित किया गया झंडा कांग्रेस द्वारा स्वराज ध्वज को राष्ट्रीय ध्वज के रूप में स्वीकृत किया गया|

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1923 का स्वराज ध्वज जो बना राष्ट्रीय ध्वज

  1. पूरे इतिहास में सिर्फ तीन ही बड़ी सैन्य क्रांतियाँ हुईं जिन्होंने ब्रितानिया जबड़ों से हमारी आज़ादी छिनी –
    1. 1857 का पहला ग़दर
    2. 1942-1945 में आज़ाद हिन्द सरकार द्वारा घोषित युद्ध जिसमें युरोप में फ्री इंडिया आर्मी और ईस्ट एशिया में आज़ाद हिन्द फौज लगाईं हुयी थी
    3. 1946 में रॉयल इंडियन नेवी द्वारा क्रान्ति
  2. 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रितानिया हुकूमत ने हमारी शिक्षा, सुरक्षा, युद्ध, और व्यापार की सुदृढ़ व्यवस्था को बर्बाद कर दिया था| 1857 से पहले की हमारी शिक्षा व्यवस्था के बारे में जानने के लिए धर्मपाल द्वारा लिखित “ब्यूटीफुल ट्री” पढ़े|
  3. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस रास बिहारी बोस, बसंत कुमार विश्वास, अवध बिहारी, मास्टर अमीरचंद, और भाई बालमुकुन्द के क्रन्तिकारी क्रियाकलापों से प्रभावित थे जिन्होंने ब्रिटिश किंग जॉर्ज पंचम के काफिले पर बम्ब फैंका था| उनका निशाना बने थे लार्ड हार्डिंग|
  4. प्रथम विश्व युद्ध के दौरान राजा महेंद्रप्रताप ने काबुल में भारत की पहली प्रोविजनल गवर्नमेंट बनाई थी मगर ये ज्यादा दिन नहीं चली और उन्हें जापान जाना पड़ा|
  5. दिल्ली कांस्पीरेसी केस के बाद रास बिहारी बोस जापान जाकर बस गये थे जहां उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इंडिया इंडिपेंडेंस लिजन की स्थापना करी थी|
  6. कप्तान मोहन सिंह ने ज्ञानी प्रीतम सिंह और रास बिहारी बोस के साथ आज़ाद हिन्द फौज की स्थापना करी थी| मगर खुद मोहन सिंह ने इसे स्थगित कर दिया था|
  7. किसी और ने नहीं अपितु, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने जर्मनी में इंडिया लिजन और फ्री इंडिया आर्मी तथा जापान में आज़ाद हिन्द सरकार एवं आज़ाद हिन्द फौज द्वितीय की स्थापना करी थी|
  8. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने इसी तिरंगे झंडे को भारत की अंतरिम सरकार का राष्ट्रीय ध्वज बनाया परन्तु इसमें चरखे के स्थान पर कूदता टाइगर था| https://en.wikipedia.org/wiki/Arzi_Hukumat-e-Azad_Hind

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आज़ाद हिन्द सरकार का राष्ट्रीय ध्वज

  1. सब सुख चैन की वर्षा… इस सरकार का राष्ट्रीय गान था| https://en.wikipedia.org/wiki/Subh_Sukh_Chain
  2. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की आज़ाद हिन्द सरकार ने ब्रिटेन और अमेरिका के खिलाफ युद्ध की घोषणा करी|
  3. आज़ाद हिन्द सरकार की सेनाओं ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी –
    1. फ्री इंडिया आर्मी ने फ़्रांसिसी maquis और अमेरिकन सेना से जर्मनी और फ्रांस में लोहा लिया
    2. आज़ाद हिन्द फौज ने ब्रिटिश इंडिया आर्मी से ईस्ट एशिया (बर्मा और पूर्वी भारत) में युद्ध किया
  4. नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने लाल किले के सामने मार्च करने का आदेश दिया था, मगर इसी लाल किले में फ्री इंडिया आर्मी के बचे हुए कुछ तथा आज़ाद हिन्द फौज के सभी सैनिकों पर मुकदमा चला|
  5. लाल किले से आयी आवाज़ सहगल, ढिल्लों, शाहनवाज़…. में आज़ाद हिन्द फौज सहगल थे – प्रेम कुमार सहगल, ढिल्लों थे गुरुबख्श सिंह ढिल्लों और शाहनवाज़ थे शाहनवाज़ खान|
  6. मगर अफ़सोस नेताजी की जर्मनी में स्थापित फ्री इंडिया आर्मी के बारे में बहुत कम लोग जानते थे और बहुत से अँगरेज़ तथा अमेरिकन तो ये तक मानने के तैयार नहीं थे कि आज़ाद हिन्द सरकार की फ्री इंडिया आर्मी का यूरोप में कोई अस्तित्व भी था|
  7. लाल किले के मुक़दमे ने पुरे देश में नयी क्रान्ति पैदा कर दी थी और पूरी दुनिया को ये दिखा दिया था कि भारतीय लहू ना सिर्फ अपने देश के लिए हथियार उठाकर लड़ सकता है बल्कि अपनी सरकार बनाकर राज भी कर सकते हैं|
  8. लाल किले के मुक़दमे से प्रेरित होकर रॉयल इंडियन एयरफोर्स की एक तथा रॉयल इंडियन आर्मी की दो रेजीमेंटों ने एक साथ हड़ताल कर दी थी जिसे सैन्य शब्दों में म्युटिनी यानी बगावत कहते हैं|
  9. रॉयल इंडियन नेवी ने एक कदम आगे चलकर पूर्ण क्रान्ति कर दी जिसे “रॉयल इंडियन नेवी म्युटिनी” भी कहा जाता है, जिसमें 78 जहाजों, 20 तटीय भवनों, और 20,000 से ज्यादा सैलर्स रेटिंग्स ने ब्रितानिया हुकूमत के खिलाफ खड़े हो गए थे| https://en.wikipedia.org/wiki/Royal_Indian_Navy_mutiny
  10. इंडियन नेशनल आर्मी, फ्री इंडिया आर्मी, और रॉयल इंडियन नेवी में जिन भारतीयों ने हिस्सा लिया था वो कभी ब्रिटिश राज द्वारा गठित सेनाओं में काम कर चुके थे| ये उन लोगों का एक बड़ा हिस्सा था, जिन्हें पैसों के लिए युद्ध करने वाला (मर्सिनरीज) माना जाता था, जिनकी वजह से ब्रिटिश लोग भारत और पूरी दुनिया पर राज कर रहे थे|
  11. ये त्रिशक्ति-वार ब्रितानिया हुकूमत के चेहरे पर एक बहुत बड़ा झापड़ था, जिसकी वजह से उन्होंने भारत को छोड़ने का निर्णय लिया|
  12. माउंटबेटन के वायसराय बनने के बाद ट्रान्सफर ऑफ़ पॉवर (सत्ता हस्तांतरण) की प्रक्रिया शुरू हो गयी|
  13. 3 जून 1947 को भारत को सत्ता हस्तांतरण करने और भारत का भारत एवं पाकिस्तान में बंटवारे का ऐलान ऑल इंडिया रेडियो पर हुआ था|
  14. भारत तथा पाकिस्तान की सीमा निर्धारण करने वाले सर रेडफोर्ड क्रिप्प्स को भारत एवं पाकिस्तान की भोगालिक, नागरिक तथा ऐतेहासिक स्तर का कोई ज्ञान नहीं था|
  15. जून-जुलाई की दिल्ली की अधिकाधिक गर्मी में उन्होंने राइस पेपर पर सीमा निर्धारण किया, जहां उनके पसीने की बूंद पड़ी उसे साफ़ करने के चक्कर राइस पेपर पर एक एक इलाका इधर से उधर हो जाता था|
  16. 22 जुलाई 1947 को भारतीय संविधान सभा ने तिरंगे में चरखे की जगह अशोक चक्र को स्थान देकर इसे भारत का राष्ट्रीय ध्वज घोषित किया था|

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21 नवम्बर 1947 को जारी की गयी स्वतंत्र भारत की पहली डाक टिकट

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2 पर विचार “भारतीय स्वतंत्रता के ज्वलंत तथ्य”

  1. पिंगबैक: Some Quick Independence Facts

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