आआपा के कारज – आम आदमी पार्टी का भ्रष्टाचार पर निशाना

भ्रष्टाचार ख़त्म करने के लिए हेल्पलाइन और लोकपाल नहीं बल्कि पुराने घोटालों को करने वाले भ्रष्टाचारियों पर सख्ती से दंड लागु करना होता है। यदि आम आदमी पार्टी और उसका नेता केजरीवाल इतने ही ईमानदार हैं तो दिल्ली में हुए घोटालों पर कार्यवाही क्यों नहीं करते? डालते हैं नज़र आआपा के कारज यानी उसके निशाने पर भ्रष्टाचार की कहानी जिसके दम पर यह पार्टी खड़ी खुई थी|

आआपा के कारज

भ्रष्टाचार-भ्रष्टाचार चिलाने वाले कथित इमानदार आम आदमी पार्टी, अगर इतनी ही हिम्मत है तुम्हारी सरकार और उसके एंटी करप्शन ब्यूरो में और ईमानदारी का इतना ही शोक है तो निष्पक्ष जाँच समिति बनाकर

  1. दिल्ली जल बोर्ड घोटाला
  2. दिल्ली लोफ्लोर बस घोटाला
  3. दिल्ली डिजिटल आर०सी० घोटाला
  4. दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट-जी०आर०एम० घोटाला
  5. दिल्ली डाबड़ी फ्लाईओवर घोटाला
  6. दिल्ली बारापुला फ्लाईओवर निर्माण घोटाला
  7. दिल्ली रोड निर्माण घोटाला आदि

सभी घोटालों की जांच करवा लो। ईमानदारी का सच सबको मालूम पड़ जायेगा|

दिल्ली सरकार की सीमा

ये तो दिल्ली सरकार के अधीन ही आते हैं और इनकी जांच के लिए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की ना तो मदद चाहिए ना ही अनुमति। मगर आपको तो सिर्फ रिलायंस ही दिखती है ना टारगेट के लिए, ना तो जिंदल नजर आती है और ना ही जी०एम०आर०।

आआपा के कारज – हेल्पलाइन की हकीकत

वो कहते हैं कि ये एंटी-ब्राइब हेल्पलाइन है, एंटी-करप्शन नहीं। कोई शिकायत संख्या या डॉकेट नंबर नहीं मिलता, ना ही एग्जीक्यूटिव का नाम मिलता तो ये लोग सभी कॉलों का रिकॉर्ड कैसे रखेंगे और शिकायतकर्ता के पास क्या सबूत है कि उसने यह शिकायत दर्ज करवाई थी? ये हेल्पलाइन किस लिए है ?

भाजपा के केंद्र में कदम

और सुनो – काले धन के लिए एक से बढ़ कर एक कानून इस साल में किसी भी वक्त लागू हो सकते हैं| वैसे भी 2G के कुछ स्पेक्ट्रम की नीलामी से 49000 करोड़ आ चुके हैं| 2G स्पेक्ट्रम के घोटाले में आरोपी दयानिधि मारण की 742 करोड़ की सम्पति नीलाम की जा चुकी है|

मात्र 37 कोयला के ब्लॉक आवंटन से 1 लाख करोड़ से अधिक की कमाई हुई है यदि कोयले के ब्लॉक सुप्रीम कोर्ट के कहने पर रद्द नहीं किये जाते तो ये धन भी नहीं आता और अभी कुल 177 कोयले के ब्लोकों का आवंटन होना बाकी है।

आम आदमी पार्टी की जनक कांग्रेस ने तो सपने में भी ब्लैक मनी की जांच के लिए एस०आई०टी० का गठन नहीं किया और भाजपा ने कर दिया तो तुम जलोगे ही। उसके अलावा भाजपा ने कांग्रेस के जीजा रोबर्ट वाड्रा पर भ्रष्टाचार कर भूमि गबन का आरोप भी लगा दिया, उस पर कार्यवाही भी शुरू हो चुकी है।

कांग्रेस है आम आदमी पार्टी की जनक

संदीप देव ने अपनी पुस्तक “अरविन्द केजरीवाल – सच्चाई या साजिश” में साबित किया है कि कैसे कांग्रेस ने देश के गुस्से को बहाने के लिए अन्ना हजारे के लोकपाल वाले महाड्रामे और बाद में आम  आदमी पार्टी का गठन किया है|

कुछ राजनैतिक व्यंग्य

  • जब सारी दिल्ली में केजरीवाल-केजरीवाल बोल वोट मिल रहे थे तब केजरीवाल फ़ोन पर सोनिया गांधी को खर्च का हिसाब बता रहे थे क्यूंकि पैसा जो उन्होंने दिया था।
  • ध्यान रहे छोटी से छोटी दान राशी अपनी वेबसाइट पर डालने वाली आम आदमी पार्टी ने अभी तक चुनाव आयोग को अपने लोकसभा चुनाव २०१४, दिल्ली विधान सभा चुनाव २०१३, और दिल्ली विधानसभा चुनाव २०१५ के खर्च का हिसाब किताब नहीं दिया है|
  • जब सारी दिल्ली केजरीवाल की सरकार बनवा चुकी थी तब वो नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों को वेतन नहीं दे रहा था।
  • सारी दिल्ली जो महिला सुरक्षा की बात देख रही थी उसे महिला सुरक्षा तो मिलना दूर, महिला और बाल सुरक्षा मंत्रालय का मंत्री दुनिया में पहली बार पुरुषबना था।
  • जिस दिल्ली ने १५ लाख सीसीटीवीकैमरों के नाम पर वोट दिए थे वो दो महीनों में अपने यहां लगे २५००० कैमरे प्रतिमाह यानी ५०००० कैमरों को ढूंढ रही थी। वो इस लिए क्यूंकि उन्होंने १५   लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की बात ना सिर्फ कही थी बल्कि अपने चुनावी घोषणा पत्र में डाली थी| इसके हिसाब से हर माह २५००० कैमरे लगने चाहिए|
  • जिस दिल्ली को केजरीवाल ने मुफ्त वाई-फाई को मूर्ख बनाया था वो दिल्ली वाले आज अपने फोनों में वाइ फाई का सिग्नल ढूंढ रहे थे।
  • जिस दिल्ली को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने का बीड़ा केजरीवाल ने उठाया था, वो कांग्रेस के द्वारा किये गए लाखों करोड़ों घोटालों को भूल गया था।
  • जिस दिल्ली की अनाधिकृत कालोनियों को नियमित करने के नाम पर उसने वोट लिया था, वो केजरीवाल इन अनधिकृत कालोनियों को बिना नियमित किये उनकी रजिस्ट्री करवाने की फ़िराक में है। बिल चाहे असली हो मगर माल तो नकली होगा ही ना।
  • जिस दिल्ली में केजरीवाल ने सरकार बनाई बिल्ड़र माफिया के जरिये उसके गुर्गे उसी दिल्ली में रोड रेज में एक आदमी की उसकी बच्चों के सामने हत्या कर देते हैं तो उसका पहला कदम होता है वो बैनर उतरवाना जिसमें उसके मंत्री की हत्यारे के साथ फोटो है।
  • जिस दिल्ली को केजरीवाल ने मुफ्त बिजली पानी देने के नाम पर जीता था वो दिल्ली गर्मियों में दोनों बिजली और पानी की कमी का सामना करने वाली है।
  • जिस दिल्ली में केजरीवाल ने वी आई पी कल्चर समाप्त करने की कसम खाई थी आज वहीँ इसी कि सभा में वी आई पी की पार्किंग और बैठने की सीट सबसे अलग होती है और इनके बाउंसर वी आई पी को बहुत ही खास बना देते हैं।
  • जिस दिल्ली में केजरीवाल ने लाल बत्ती ख़त्म करने की बात उठाई थी आज वहीँ वो और इसके मंत्री लाल बत्तियों की गाडी में घूमते हैं।

आआपा के कारज लोकपाल की बात

आम आदमी पार्टी चाहे कांग्रेस का भी अधिग्रहण कर ले फिर भी दिल्ली में लोकायुक्त के स्थान पर लोकपाल कानून नहीं ला सकती। भारत के संविधान से ऊपर कुछ भी नहीं है और उसी में वर्णित है कि जनलोकपाल केंद्र में और लोकायुक्त राज्य में होगा। और जिस लोकपाल के लिए अन्ना हज़ारे और केजरीवाल ने महाड्रामा किया था उसका कानून को सबसे पहले भुवन चन्द्र खंडूरी की अध्यक्षता वाली सरकार ने उत्तराखंड में अपनाया था और लोकायुक्त का गठन किया था।

तब केजरीवाल और प्रशांत भूषण से लेकर खुद अन्ना हज़ारे तक ने तारीफ करी थी। उत्तराखंड में चुनाव हरने के बाद जब कांग्रेस की सरकार बानी तो उसने वाही लोकायुक्त कानून भंग कर अपना कानून लागु कर दिया मगर आम आदमी पार्टी और अन्ना हज़ारे ने एक भी शब्द नहीं कहा।

दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने और प्रचंड बहुमत के बाद भी “एक लोकपाल के लिए सौ बार कुर्सी कुर्बान करने वाले” तथाकथित ईमानदार श्री केजरीवाल कभी भी दिल्ली में लोकपाल नहीं ला सकते और जो लोकायुक्त कानून बनाएंगे वो उस उच्च श्रेणी का नहीं हो सकता जैसे भाजपा के एक मुख्यमंत्री ने पहले ही बनाया था।

तो क्या जनता को सब पता नहीं है? जनता समझदार है।

पता है कितनी समझदार है जनता वो भी दिल्ली की। ऐसा न हो कि मुफ्त बिजली पानी में ठगे गए अब ना तो गर्मियों में बिजली होगा और ना ही पानी। जनता त्राहि त्राहि करेगी और आम आदमी पार्टी केंद्र से कटोरा लेकर पैसा मांगती रह जाएगी। ऐसा इस लिए क्यूंकि दिल्ली एक परजीवी राज्य है जहाँ दिल्ली की जररूत के हिसाब से बहुत कम प्रतिशत यानी ना के बराबर बिजली और पानी उत्पन्न होता है| दिल्ली पानी मांगती है हरियाणा से और हरियाणा मांगता है पंजाब से| दिल्ली बनाम हरियाणा और हरियाणा  बनाम पंजाब के मुक़दमे उच्च न्यायालयों में चल रहे हैं, क्या पता कब नतीजा आएगा?

अभी सुनने में आया है कि उत्तर प्रदेश के एक मंत्री शिवपाल यादव दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल से मिल कह गए हैं कि उत्तर प्रदेश दिल्ली को पानी देगा| मगर अभी इस समझोते की अधिकारिक पुष्टि नहीं हुयी है|

ऐसा भी होता है क्या?

जब एक राज्य के पास पानी की सख्त कमी हो और उसका शत प्रतिशत पानी दुसरे राज्यों से आता हो तो क्या वो माँगा हुआ पानी नाले में बहता है क्या?

जी हाँ ऐसा हो रहा है| हरियाणा सरकार अब एक उच्च न्यायालय में मुकदमा डालने जा रही है कि दिल्ली सरकार मुनक नहर से पानी तो ले रही है मगर वजीराबाद के पास पानी के गेट ना खोलकर सारा पानी नाले में डाल रही है| ऐसा भी होता है क्या?

चलते चलते

क्या कोई सरकार किसी विभाग में भर्ती के लिए विज्ञापन दे और अंतिम समय सीमा सिर्फ 24 घंटे का ही दे ?

जी हाँ ये कमाल किया है श्री श्री परम् ईमानदार आम आदमी पार्टी की सरकार ने

केजरीवाल ने दिल्ली डायलाग बोर्ड का गठन किया और आशीष खेतान को उसका चेयरमैन बनाकर उसे केबिनेट मंत्री का दर्जा दे दिया … फिर आशीष खेतान इस बोर्ड में अपने वालंटियर की भर्ती करना चाहता था लेकिन बोर्ड में एमडी आईएएस ऑफिसर ने मना कर दिया तो उन्हें अगले दिन ही ट्रांसफर कर दिया|

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