चरखा और नरेन्द्र मोदी

ढाका की मलमल के बारे में आप सभी ने सुना होगा | कहते हैं कि आप ढाका की मलमल वाली चादर को एक अंगूठी से निकाल सकते थे | इतनी बारीक़ और महीन होती थी ये | यही कहानिया कमोबेश भारत के हर हिस्से की हैं | हमने एसा लोहा बनाया जिसपे हजारों सालों से जंग नहीं लगी | पर ये सब हवा में नहीं हुआ | इसे करने में हमारे पूर्वजों की दिन रात की मेहनत और ज्ञान था | पढ़ना जारी रखे चरखा और नरेन्द्र मोदी

नरेन्द्र मोदी का समर्थन

मैं मोदी जी के किसी भी कदम की आलोचना नहीं करता हूँ, भले ही वो फौरी तौर पर गलत ही क्यों न हों? जेएनयू मामले पर भक्त ही टाँग खींच रहे थे मगर मोदी किन परिस्थितियों से लड़ रहे हैं इसका किसी को भी अंदाज़ा ही नहीं है। वो आदमी ये सब किसके लिए कर रहा है, कौन है आगे पीछे? मोदी से अगर किसी को कुछ फायदा है तो वो सिर्फ हमें हैं, हमारे बड़े होते बच्चों को है और आने वाली पीढ़ी को है। इसलिये हर परिस्थिति में मोदी का साथ देना है। अभी वक़्त अंपायर बनने का नहीं कट्टर समर्थक बने रहने का है। पढ़ना जारी रखे नरेन्द्र मोदी का समर्थन

नरेन्द्र मोदी के बारे में विचार

एक मुस्लिम मित्र के साथ FB संवाद की एक टिप्पणी .

बाबा, लेकिन मुस्लिम मोदी का अंधविरोध कर, ब्राह्मणों में अनेक चाणक्य पैदा करने में लगे हैं.मुझ आप दोनों को पता है की भारत में निजामे मुस्तफा कायम करने को मुस्लिमों को भड़काया जा रहा है भीतर भीतर.उन्हें कौन समझाए जीना यहाँ मरना यहाँ .खाक होने के लिए दो गज जमीन भी यहीं . पढ़ना जारी रखे नरेन्द्र मोदी के बारे में विचार