जाट आरक्षण की आग

स्वराज-स्वराज सुनते सुनते कान पक गए हैं। कोई दिल्ली में स्वराज लाना चाहता है तो कोई बिहार, पंजाब या हरियाणा में। मगर ना तो जनता और शायद ना ही ऐसा बोलने वाले राजनेता जानते हैं कि जिस देश में वो रहते हैं उसमें आज तक पूर्ण स्वराज ही स्थापित नहीं हो पाया है। भारत को कभी पूर्ण आज़ादी मिली ही नहीं, इसे तो बस आज़ादी के नाम पर डोमिनियन स्टेटस मतलब औपनिवेशिक स्तर का झुँझना, कुछ गहरे काँटों वाला, पकड़ा दिया गया। इसकी वजह से जो संविधान बना वो अपूर्ण है, जिसमें आरक्षण जैसी कई कमियाँ हैं। पढ़ना जारी रखे जाट आरक्षण की आग