फिल्म नटवरलाल से सीख

80 के दशक में अमिताभ बच्चन अभिनीत एक फ़िल्म जिसमें खलनायक का नाम था “विक्रम”…

विक्रम का इलाक़े में आतंक था, काम के लिए विक्रम को लोगों की ज़रूरत पड़ती, जिसके लिए वो पहले अपने पालतू शेर को बस्ती में छोड़ देता, शेर के आने से लोगों में भगदड़ मचती और इसी दौरान विक्रम के सिपहसालार उनमें से कुछ लोगों को उठाकर ले जाते। फिर विक्रम हर गुलाम की पीठ पर सबसे पहले गरम गरम लोहे की छड़ से “V” लिखवाता फिर इन गुलामों को काम पर लगा देता।

इसी तरह आज़ादी के बाद भी “विक्रम” ने देश में सांप्रदयिकता, धर्मनिरपेक्षता, जातिवाद, आरक्षण जैसे कई ‘शेर’ देश में छोड़े, सिपहसालारों ने ‘गुलामों’ को उठाया, फिर “विक्रम” ने देश की अधिकतर इमारतों, योजनाओं, पुल पुलियाओं पर भी ‘नेहरू – गांधी’ नाम गुदवा दिया, उनके सिपहसालार भी बड़ी मुस्तैदी से इस ‘नाम गुदाई’ को अंजाम देते रहे।

‘नटवरलाल’ ने ‘शेर’ को कुछ हद तक साध लिया है “विक्रमों” पर शिकंजा कसना भी शुरू कर दिया है। नाम गुदाई के घावों को भी भरना शुरू कर दिया है।

फिलहाल “पानी एक्सप्रेस” 5 लाख लीटर पानी लेकर लातूर के लिए भेजी दी गई है। यही “विक्रम” की सरकार होती तो इन पानी की वैगनों पर नाम गुदाई होती और उन पर लिखा होता “विक्रम जल आपूर्ति योजना”

ऐ बस्ती वालों, ‘नटवरलाल’ का साथ देते रहो, फिर वो ‘शेर’ को पूरी तरह से काबू में करके तुम्हें “विक्रम” के चंगुल से हमेशा हमेशा के लिये छुड़ा देगा और इस ‘नाम गुदाई’ के दाग़ भी मिटा देगा।

हर्षल खैरनार
Follow Me

हर्षल खैरनार

Vastu Consultant at Pyramid Magic
Self-employed and living in Mumbai.
हर्षल खैरनार
Follow Me

द्वारा प्रकाशित

हर्षल खैरनार

Self-employed and living in Mumbai.

टिपण्णी

Loading Facebook Comments ...
Loading Disqus Comments ...

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

 

No Trackbacks.