कानून का काला दिन

आज देश में अंग्रेजों के बनाये गए कानून का जिसे आज़ादी के बाद कांग्रेस ने बतौर उत्तराधिकारी लिया, उसका काला दिन है| इस दिन की कालिख में भाजपा का भी योगदान है| आम आदमी पार्टी भी उतनी ही दोषी है| कांग्रेस के राज में तो बालिग़ मोहाम्मद अफरोज को नाबालिग घोषित कर दिया गया, उसका बॉन मैपिंग टेस्ट भी नहीं किया गया और रेयेरेस्ट ऑफ़ द रेयेर केस के बावजूद भी देश की संसद ने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया|

भाजपा ने सत्ता में आते ही लोकसभा में कानून पास करवा लिया कि जुवेनाइल की उम्र 18 के बजाय 16 होगी, मगर कभी इस बाबत कोई कानून नहीं बनवाया गया कि मोहम्मद अफरोज को रिहा होने से रोका जाए| केंद्र का राष्ट्रीय महिला आयोग जिसे बड़ी बिंदी गैंग भी कहा जाता है, सोया रहा| आम आदमी पार्टी ने 16 दिसम्बर के रेप केस का सबसे अधिक राजनैतिक फायदा उठाया मगर किया क्या? इन्होने ने बालिग़ से नाबालिग घोषित किये गए अफरोज की बालिगता पर सवाल खड़े नहीं किये बल्कि दूसरों के चोर होने के आरोप लगाते रहे| कुछ करने के बजाए अफरोज के पुनर्वासन की तैयारी में लगे रहे| इसी सरकार ने मोहम्मद अफरोज को नया नाम और आई० डी० कार्ड बनाकर दिया| अपराधी तो अब की केंद्र सरकार रहेगी भी|

कई दिनों से सोये रहने के बाद, दिल्ली महिला आयोग के कानों पर तब जूं रेंगी जब सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक अफरोज का विरोध हुआ और मुस्लिम तुष्टिकरण के आरोप लगे| केजरीवाल के आदेश के बाद जब दिल्ली सरकार जागी तब तक देश की अदालत सो चुकी थी| सबसे घातक मुजरिम की रिहाई तो रोक ना सके, नंबर जरुर बना लिए कि कुछ तो कर ही रहे हैं, at least he is doing something.

आज के बाद किसी भी बलात्कार की पीड़ित से कानून से न्याय की सभी आशाएँ ख़त्म हो जायेंगी| ये सब सिस्टम यानी तंत्र की विफलता के कारण हुआ है जिसका निर्माण अंग्रेजों ने किया था और उसे वैसे का वैसा चलाने की जिम्मेवारी कांग्रेस ने ली थी| जितनी भी सरकारें केंद्र में बनी सभी आज इस कानून के काले दिन की कालिख बढाने में जिम्मेवार हैं, चाहे वो जनता पार्टी हो, जनसंघ हो या भाजपा, सबकी इस कृत्य में बराबर की जिम्मेवारी है|

अब समय आ गया है कि इस देश की जनता सत्य पहचाने और इस देश के पंगु कानून एवं संविधान के विरुद्ध आवाज़ बुलंद करे| या तो अब तंत्र बदलेगा या फिर अब क्रान्ति का बिगुल फूंका जाएगा|

#जनतावाणी #निर्भया

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