निर्भया की मृत्यु व्यर्थ

अगर आपका बलात्कार होता है तो या तो बलात्कारी को मार दो या उसकी हत्या करवा दो क्योंकि कानून तो आपकी मदद करने वाला है नहीं। भारतीय कानून ना सिर्फ अँधा है बल्कि गूँगा और बहरा भी है।जब ये ‪#‎निर्भया के बलात्कारियों को मौत की सजा नहीं दे पाए तो आपकी क्या मदद करेंगे? इन्होंने खुद इस केस को “रेयरेस्ट ऑफ द रेयर” करार दिया था, अब क्या हुआ फिर?

भारत की सर्वश्रेष्ठ पुलिस – दिल्ली पुलिस – इस मुकदमे के मुख्य अपराधी को दो दिन की मेवात की घेराबन्दी की बाद भी तब तक नहीं पकड़ सकी जब तक उस मुख्य अपराधी – मोहम्मद अफ़रोज़ – को एक फ़र्ज़ी 10वीं के प्रमाण पत्र के आधार पर नाबालिग नहीं साबित कर दिया गया।

निर्भया के घरवालों द्वारा दायर मुख्य दोषी – अफ़रोज़ – की बोन मैपिंग टेस्ट की सभी याचिकाएँ ख़ारिज कर दी गयीं।

रविवार को वो तथाकथित नाबालिग (जोकि वो है नहीं) एवं मुख्य अपराधी जिसने जघन्य बलात्कार कर निर्भया की हत्या करी सुबह का सूरज देखेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि वो एक खास मजहब से ताल्लुक रखता है जिसका तुष्टिकरण सबसे बड़ी और कुछ छोटी सम्प्रदायवादी राजनैतिक पार्टियाँ करती हैं। अफ़रोज़ बलात्कारियों का हीरो बनेगा और उन सभी बलात्कारियों का पथ-प्रदर्शन करेगा जो युवा वर्ग के होंगे। इसकी दलीलें देकर जघन्य अपराध करने वाले बलात्कारी रिहा होंगे और अपने नाबालिग होने के सबूत पेश करेंगे।

जब इस देश की कानून व्यवस्था जघन्यतम, दुर्लभतम और सर्वाधिक चर्चित बलात्कार मामले में सजा नहीं दे सकी तो एक सामान्य लड़की या औरत के बलात्कार मामले में क्या सजा होगी?

अपने बलात्कार का न्याय स्वयं करें।

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