चरखा और नरेन्द्र मोदी

ढाका की मलमल के बारे में आप सभी ने सुना होगा | कहते हैं कि आप ढाका की मलमल वाली चादर को एक अंगूठी से निकाल सकते थे | इतनी बारीक़ और महीन होती थी ये | यही कहानिया कमोबेश भारत के हर हिस्से की हैं | हमने एसा लोहा बनाया जिसपे हजारों सालों से जंग नहीं लगी | पर ये सब हवा में नहीं हुआ | इसे करने में हमारे पूर्वजों की दिन रात की मेहनत और ज्ञान था | पढ़ना जारी रखे चरखा और नरेन्द्र मोदी